टेक्सपोर्ट क्रिएशन
परिधान उद्योग के लगातार कम मजदूरी ने कोविड-19 संकट की पूर्व संध्या पर अधिकांश परिधान श्रमिकों को बिना बचत के छोड़ दिया। चूंकि वस्त्र निर्यातक देशों में अधिकांश सरकारें बहुत कम या कोई बेरोजगारी लाभ प्रदान नहीं करती हैं, इसलिए एक बेरोजगार परिधान श्रमिक और उसके परिवार के लिए तत्काल गरीबी के बीच एकमात्र चीज कानूनी रूप से अनिवार्य बर्खास्तगी लाभ है जो अधिकांश परिधान श्रमकर्मियों को समाप्ति पर देय है।
वर्कर राइट्स कंसोर्टियम (डब्ल्यूआरसी) द्वारा किए गए शोध से पता चलता है कि महामारी के दौरान बर्खास्त किए गए कई परिधान श्रमिकों को इस आवश्यक मुआवजे के कुछ या सभी से वंचित कर दिया गया है, जो कानून और उन ब्रांडों और खुदरा विक्रेताओं के श्रम अधिकारों के दायित्वों का उल्लंघन है जिनके कपड़े उन्होंने सिलवाए थे।
टेक्सपोर्ट क्रिएशन डब्ल्यूआरसी की रिपोर्ट में कोविड-19 के दौरान श्रमिकों की वेतन चोरी में फैशन ब्रांडों की मिलीभगत में पहचानी गई 31 निर्यात परिधान फैक्ट्रियों में से एक है, जिसमें अप्रैल 2021 तक श्रमिकों का कानूनी रूप से अनिवार्य बर्खास्तगी मुआवज़ा बकाया है।
मई 2020 में, टेक्सपोर्ट क्रिएशन ने बंद होने पर 750 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। अप्रैल 2021 तक, ये कर्मचारी कानूनी रूप से बकाया मुआवज़े के रूप में 2,16,334 डॉलर का इंतज़ार कर रहे थे।
टेक्सपोर्ट क्रिएशन एक सिलाई इकाई थी जो नम्बर 26/1, ए 2, 26/1, बी 2, टी.एम इंडस्ट्रियल एस्टेट, केंचनहल्ली, आर.आर नगर, मैसूर रोड, बेंगलुरु, भारत में स्थित थी। गैप ने जनवरी 2021 के अपने पत्र में डब्ल्यूआरसी को बताया कि उसने प्रत्येक कर्मचारी के लिए नौकरी विच्छेद गणना के विवरणों और श्रमिकों द्वारा हस्ताक्षरित दस्तावेज़ों को सत्यापित किया था, जिसमें ये कहा गया था कि नौकरी विच्छेद मुआवज़े का भुगतान किया गया था। और गैप ने इससे यह निष्कर्ष निकाला था कि सभी को टर्मिनल मुआवज़ा उचित रूप से प्रदान कर दिया गया था। लेकिन साक्ष्य से पता चला कि श्रमिकों को बाकी सब मुआवज़े मिले, लेकिन उन्हें नौकरी विच्छेद मुआवज़े का भुगतान नहीं किया गया था।
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