गोकलदास एक्सपोर्ट्स
डब्ल्यूआरसी की जाँच में पाया गया कि, इस त्रासदी के समय जिसमें एक बच्चे की मृत्यु हो गई थी, यह फैक्ट्री कर्मचारियों की योग्यता और ऑन-साइट चाइल्डकैअर और आपातकालीन चिकित्सा सहायता के उपकरणों के सम्बन्ध में कई राज्य नियमों का उल्लंघन कर रही थी। और यदि फैक्ट्री ने इन आवश्यकताओं का अनुपालन किया होता तो शायद बच्चे की मृत्यु न हुई होती। इन निष्कर्षों के चलते और उस बच्चे की मां द्वारा वहन किए गए नुकसान की विशालता तथा कारखाने के पर्याप्त वित्तीय संसाधनों (गोकलदास एक्सपोर्ट्स का अधिकांश भाग बहु-अरब डॉलर की निजी इक्विटी निवेश फर्म, ब्लैकस्टोन ग्रुप के स्वामित्व में है) को देखते हुए, डब्ल्यूआरसी ने पुरज़ोर आग्रह किया कि गोकलदास एक्सपोर्ट्स श्रमिक और उसके परिवार को पर्याप्त अतिरिक्त मुआवज़ा प्रदान करे।
हमें यह बताते हुए खुशी है कि 9 सितंबर, 2015 को गोकलदास एक्सपोर्ट्स और बेंगलुरु स्थित श्रमिक संगठन गारमेंट एंड टेक्सटाइल वर्कर्स यूनियन (जीएटीडब्ल्यूयू) के बीच चर्चा के बाद, कम्पनी मृत बच्चे की मां को अतिरिक्त सहायता प्रदान करने पर सहमत हुई। उसके नुकसान को ध्यान में रखते हुए 10,500 डॉलर (या लगभग नौ साल का वेतन) देने की पेशकश हुई जिसे कर्मचारी ने 14 सितंबर स्वीकार किया और उसे यह अतिरिक्त मुआवज़ा प्राप्त हुआ।
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